गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

आम बजट 2017-18: मिडिल क्लास को राहत, 3 लाख की आमदनी टैक्स फ्री

आम बजट 2017-18 की खास बातें: एक नजर में जानें क्या हुआ महंगा और क्या हुआ सस्ता


वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी, 2017 को संसद में वित्त वर्ष 2017-18 का आम बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने बजट में मध्य-वर्ग को राहत देते हुए 3 लाख रुपये की इनकम को टैक्स की श्रेणी से बाहर रखा है। वहीं, 5 लाख तक की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। इनकम टैक्स स्लैब को 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख किया गया है।

वित्त मंत्री ने 2.5 लाख रुपये और 5 लाख रुपये के बीच की आय वाले व्‍यक्तिगत करदाताओं के लिए टैक्स स्लैब की मौजूदा दर को मौजूदा 10 फीसदी से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। इससे 5 लाख रुपये से कम आय वाले करदाताओं की कर देनदारी घटकर छूट सहित हो जाएगी या उनकी मौजूदा देनदारी का 50 प्रतिशत रह जाएगी। वित्‍त मंत्री ने करदाताओं से ईमानदारी से कर चुकाकर राष्‍ट्र निर्माण में भागीदार बनने की अपील की है।

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हर बार की तरह इस बार भी बजट के बाद कुछ चीजें महंगी हुई और कुछ चीजें सस्ती हुईं है। आइए जानें कि इस बार बजट में सरकार ने कौन सी चीजें सस्ती की और कौन सी चीजें महंगी।

ये सामान हुये सस्ते:
पवन चक्की, आरओ, पीओएस, पार्सल, लेदर का सामान, सोलर पैनल,प्राकृतिक गैस, निकेल, बायोगैस, नायलॉन, रेल टिकट खरीदना, सस्ता घर देने का प्रयास, टैक्स में मध्यम वर्ग को राहत देने का प्रयास, भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा टैक्स मुक्त होगा। सौर उर्जा बैटरी और पैनल के विनिर्माण में काम आने वाले सोलर टैम्पर्ड ग्लास को सीमा शुल्क से छूट।

ये सामान हुये महंगा:
मोबाइल फोन, पान मसाला, सिगरेट, एलईडी बल्ब, चांदी का सामान, तंबाकू, हार्डवेयर, सिल्वर फॉयल, स्टील का सामान,  चांदी के गहने, स्मार्टफोन। पान मसाला पर उत्पाद शुल्क 6% से बढ़ाकर 9%, गैर-प्रसंस्कृत तंबाकू पर 4।2 से बढ़ाकर लगभग दोगुना 8.3% कर दिया गया है। तंबाकू (गुटखा) वाले पान मसाला पर उत्पाद शुल्क 10% से बढ़ाकर 12%किया गया। 65 मिलीमीटर तक लंबाई वाली सिगरेट पर उत्पाद शुल्क 215 रुपये प्रति एक हजार से बढ़ाकर 311 रुपये प्रति हजार किया गया। एल्यूमीनियम महंगा, इसके अयस्क और कंसंट्रेट पर आयात शुल्क शून्य से बढ़ाकर 30% किया गया।

मोबाइल फोन विनिर्माण में काम आने वाले प्रिंटेड सर्किट बोर्ड पर सीमा शुल्क शून्य से बढ़ाकर 2% किया गया। एलईडी बल्ब विनिर्माण में उपयोग होने वाले कलपुजों पर पांच प्रतिशत की दर से मूल सीमा शुल्क और 6% प्रतिपूर्ति शुल्क लगेगा। सिगार, सुल्फी (चुरट) पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 12.5% अथवा प्रति हजार 4006 रुपये जो भी अधिक होगा, किया गया। पहले यह दर 12.5% और 3,755 रुपये प्रति हजार थी।

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