सोमवार, 1 मई 2017

एल सल्वाडोर धातु उत्खनन प्रतिबंधित करने वाला दुनिया का पहला देश बना

एल सल्वाडोर धातु उत्खनन को प्रतिबंधित करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया

एल सल्वाडोर धातु उत्खनन को प्रतिबंधित करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया

एल सल्वाडोर धातु उत्खनन को प्रतिबंधित करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। पर्यावरण संरक्षण अभियान में इस कदम को मील का पत्थर कहा जा रहा है।

आधिकारिक जरनल में गुरुवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार,सल्वाडोर में अब कानूनी तौर पर धातु खनिजों का अन्वेषण,दोहन,उत्खनन या प्रसंस्करण प्रतिबंधित होगा। सल्वाडोर की पारिस्थितिकी इकाई के अध्यक्ष मॉरिसियो सेर्मेनो ने एएफपी से कहा, यह अभिनव कदम से आगे की बात है। उन्होंने कहा,यह ऐसा कानून है जो कि जल स्रोतों एवं पर्यावरण को गंभीर रूप से प्रदूषित करने वाले उद्योगों के लिये जरूरी है।”

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मार्च में जब सांसदों ने इस कानून को मंजूरी दी थी, तब गैर सरकारी अभियान समूह ‘माइनिंग वाच कनाडा’ ने कहा था कि एल सल्वाडोर ने धातु उत्खनन को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने वाला पहला देश बनकर ‘इतिहास रचा है’।

उल्लेखनीय है कि लातिन अमेरिका के कुछ देश केवल खनिज निर्यात पर निर्भर हैं, लेकिन स्थानीय समुदाय के लोग उत्खनन प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली जहरीली धातुओं से पर्यावरण के जोखिमों की शिकायत कर रहे हैं। उत्खनन को प्रतिबंधित करने वाला नया कानून सल्वाडोर के राष्ट्रपति सांचेज सेरेन के हस्ताक्षर के बाद प्रभावी हो गया।

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